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उलझन कहेंगे ये दौर थक क्या खोया क्या पाया चिंता हिंदी कविता झिझक hindi kavita पहचाना है कशमकश अकेले कल ज़हन क्या कहूं क्या क्या सही क्या गलत सुख दुख

Hindi लोग क्या कहेंगे Poems